Saturday, 26 May 2018

"थर्ड क्लास में फिल्म"- प्रेम प्रकाश जुनेजा


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"सिनेमा हॉल- उन दिनों "- शरद कोकास

बैतूल में हमारे घर के ठीक पीछे एक टॉकीज हुआ करती थी, जिसका नाम था 'रघुवीर टॉकीज'। इसमें सिर्फ दो शो हुआ करते थे- पहला खेल, जो शाम ...